APR (Annual Percentage Rate — वार्षिक प्रतिशत दर) और APY (Annual Percentage Yield — वार्षिक प्रतिशत प्रतिफल), दोनों एक साल की ब्याज दर बताते हैं, लेकिन दोनों थोड़े अलग सवालों के जवाब हैं — और इन्हें आपस में गड्डमड्ड करने से ऑफ़रों की तुलना गड़बड़ हो जाती है, चाहे आप उधार ले रहे हों या बचत कर रहे हों।
मूल अंतर: कंपाउंडिंग
APR सीधी-सादी सालाना दर है, इस बात का हिसाब लगाए बिना कि साल के भीतर ब्याज कितनी बार कंपाउंड होता है। APY में कंपाउंडिंग का असर शामिल होता है, इसलिए यह दिखाता है कि अगर ब्याज साल में एक बार की बजाय कई बार बैलेंस में जुड़ता है, तो आप (बचत पर) असल में कितना कमाएंगे या (कुछ लोनों पर) कितना चुकाएंगे।
6% APR मासिक कंपाउंडिंग के साथ लगभग 6.17% का APY बन जाता है, क्योंकि हर महीने का ब्याज साल के बाक़ी हिस्से के लिए अपना ब्याज कमाना शुरू कर देता है। ब्याज जितनी ज़्यादा बार कंपाउंड होता है, बताई गई APR और प्रभावी APY के बीच का यह अंतर उतना ही बड़ा होता जाता है।
कब किसका इस्तेमाल करें
बचत और निवेश उत्पादों के लिए APY तुलना का ज़्यादा ईमानदार आंकड़ा है, क्योंकि यह कंपाउंडिंग समेत आपकी असली कमाई दिखाता है। लोनों के लिए APR मानक तुलना-आंकड़ा है और — अहम बात — इसमें अक्सर कुछ शुल्क प्रभावी दर में जोड़ दिए जाते हैं, इसीलिए किसी लोन की APR उसकी घोषित ब्याज दर से ऊंची हो सकती है।
दो बचत खातों की तुलना करते समय हमेशा APY की तुलना APY से कीजिए, एक खाते की APR की दूसरे की APY से नहीं — दूसरी वाली तुलना ख़राब खाते को उससे बेहतर दिखा सकती है जितना वह है। हमारे कंपाउंड इंटरेस्ट कैलकुलेटर में कोई भी दर डालकर आप साल-दर-साल का असली असर ख़ुद देख सकते हैं।